
इसी तरह के मामलों में पत्थलगांव जनपद क्षेत्र के सचिव श्रवण बंजारे, बरत बाई दिनकर, मिथलेश लकड़ा और गणपत सिदार, नीलांबर यादव सहित अन्य पंचायत सचिवों पर बीते महीने में कार्रवाई की गाज गिर चुकी है। वहीं एक दिन पूर्व में ग्राम पंचायत पंडरीपानी के सचिव गोकुलानंद गुप्ता के खिलाफ भी धारा 40 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।हरित छत्तीसगढ़
हरित छत्तीसगढ़ पत्थलगांव। जनपद पंचायत पत्थलगांव क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं और विकास कार्यों में गड़बड़ी को लेकर लगातार कार्रवाई जारी है।

मार्च महीने से अब तक आधा दर्जन से अधिक पंचायत सचिवों पर निलंबन, जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा होने से पंचायत महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। हरित छत्तीसगढ़ लगातार हो रही कार्रवाई के बाद सचिवों में भय और असमंजस का माहौल देखा जा रहा है।हरित छत्तीसगढ़

जानकारी के अनुसार कई पंचायतों में निर्माण कार्यों, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा अन्य विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। हरित छत्तीसगढ़
आरोप यह भी है कि ग्राम की राजनीति में सक्रिय कथित नेतानुमा ठेकेदार पंचायत प्रतिनिधियों और सचिवों पर दबाव बनाकर निर्माण कार्यों के नाम पर अग्रिम राशि निकलवा लेते हैं, लेकिन बाद में कार्य अधूरा छोड़ देते हैं। इसका सीधा बोझ सरपंच और सचिवों पर पड़ रहा है।हरित छत्तीसगढ़

सूत्रों की मानें तो कई पंचायतों में ग्रामीणों द्वारा वर्तमान एवं पूर्व सरपंचों के साथ-साथ पंचायत सचिवों की शिकायतें अधिकारियों तक पहुंचाई जा चुकी हैं। इनमें निर्माण कार्यों में अनियमितता, राशि के दुरुपयोग और हितग्राही मूलक योजनाओं में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। हरित छत्तीसगढ़ ,,लगातार हो रही कार्रवाई के बीच पंचायत सचिवों का कहना है कि कई बार राजनीतिक दबाव और स्थानीय हस्तक्षेप के कारण परिस्थितियां जटिल हो जाती हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि शिकायतों की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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