Kota-Updete:-“ज़िक्रे-हुसैन अस्ल में मर्गे-यजीद है..इस्लाम जिंदा होता है..हर कर्बला के बाद”।-आज-मोहर्रम की 10-तारीख यौमे-आशुरा..मस्जिदें-ताहा में 10-रोजा मजलिस के साथ सिन्नी शरबत-लंगर का हुआ वितरण।

बिल्लीबंद-नयापारा में एक रोजा ज़िक्रे-शोहदा-ए-कर्बला बयान करने यूपी सुल्तानपुर से पीर साहब अब्दुल गनी पहुंचे।

कोटा-मस्जिद में कोरबा से हाफिज-व-कारी जनाब शफीक साहब…महाराष्ट्र से हाफिज-व कारी जनाब अजहरुद्दीन साहब बयान करने पहुंचे।

*दिनांक:- 25/06/2026**मोहम्मद जावेद खान हरित छत्तीसगढ़।**करगीरोड-कोटा:-मोहर्रम का महीना शुरू होते ही मुस्लिम समुदाय का इस्लामिक नया साल शुरू होने के साथ ही पैग़म्बरे इस्लाम-मोहम्मद साहब के प्यारे नवासे ईमाम आली मकाम ईमाम हुसैन और कर्बला की शहीदों की याद में पूरे विश्व में इस्लाम धर्म को मानने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा मोहर्रम की 01 तारीख से लेकर मोहर्रम की 10 तारीख तक मजलिसे सजाकर ईमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद किया जाता है..उनकी याद में शरबत-लंगर मलिदा सहित तरह तरह के मीठे-पकवान बनाकर मुस्लिम-समुदाय के लोगों में तकसीम (वितरण) किया जाता है।**इसी कड़ी में मुस्लिम समाज कोटा के द्वारा मस्जिदें-ताहा में रात 09-बजे से लेकर 12:30 तक मोहर्रम की 01-तारीख से लेकर 10-तारीख यौमे-आशुरा तक ईमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मजलिस सजाकर ईमाम हुसैन और कर्बला की शहीदों को याद किया जाता है मुस्लिम-समुदाय के लोगों द्वारा मस्जिदों में बाहर में अपने अपने घरों में इमाम हुसैन की याद में दरूद खानी शरबत लंगर सिन्नी (प्रसाद) का इंतजाम करते हुए समाज के लोगों में वितरण किया जाता है..

मोहर्रम की 01 तारीख से लेकर 10 तारीख तक मुस्लिम समुदाय के मौलाना हाफिज व कारी द्वारा बयान (तकरीर) किया जाता है..जिसे सुनने के लिए कोटा नगर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में मौजूद मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंचते हैं।**कोटा-मस्जिद में ईमाम हुसैन और कर्बला वालो की याद में सजाए गए मजलिस की शुरुवात में मस्जिदें-ताहा के पेश ईमाम गुलजार साहब ने बयान किया, उसके बाद एक रोजा ज़िक्रे शोहदा-ए-कर्बला बयान कोरबा मस्जिद के पेश ईमाम हाफिज व कारी जनाब शफीक साहब का बयान हुआ..उसके बाद तीन दिनों तक महाराष्ट्र से पहुंचे हाफिज व कारी जनाब अजहरुद्दीन साहब ने ज़िक्रे हुसैन बयान किया जिन्हें सुनने के लिए कोटा नगर सहित कोटा से लगे आसपास के ग्रामीण इलाकों के मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए..आज मोहर्रम की 10 तारीख जहां कर्बला (इराक) के मैदान में ईमाम हुसैन की शहादत हुई थी..बयान की समाप्ति के बाद मस्जिद में मौजूद मुस्लिम-समुदाय के लोगों में अंजुमन-इस्लामिया मस्जिद कमेटी कोटा के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा समाज के लोगों में शरबत लंगर का वितरण किया गया।

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