न्यायालय को गुमराह कर पहले से बिकी भूमि दोबारा बेची, राजस्व रिकॉर्ड में कूटरचना का आरोप

जशपुर। जशपुर जिले के बागीचा थाना क्षेत्र में जमीन हेराफेरी का ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया। आरोप है कि पहले से विधिवत विक्रय की जा चुकी भूमि को फर्जी दस्तावेज तैयार कर और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करते हुए दोबारा बेच दिया गया। मामले में बागीचा पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।यह कार्रवाई अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती उषा सिंह की शिकायत पर हुई।

जांच में सामने आया कि ग्राम रायकेरा की खसरा नंबर 49/4 की भूमि वर्ष 2010 में पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से बेची जा चुकी थी। लेकिन नामांतरण प्रक्रिया का लाभ उठाते हुए आरोपियों ने तथ्यों को छिपाकर पहले उसी भूमि का हिस्सा अपने परिजन के नाम कराया और बाद में कथित रूप से राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर पूरी जमीन दोबारा अपने पुत्र के नाम रजिस्ट्री कर दी।जांच में यह भी खुलासा हुआ कि दूसरे खरीदार के नाम दर्ज भूमि को कथित रूप से न्यायालय को गुमराह कर मूल खसरे में जोड़ दिया गया। पीड़ित पक्ष द्वारा सुशासन तिहार शिविर में शिकायत किए जाने के बाद तहसील स्तर पर जांच हुई, जिसमें फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।बागीचा थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

