
छत्तीगढ़ उच्च न्यायालय ने शासकीय नर्सिंग कॉलेज में डेमोंस्ट्रेटर एवं सहायक प्राध्यापक के पदों पर निर्मित भर्ती से जुड़े मामलों पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अमित कटारिया आई एस को अवमानना याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब तलब। किया है। आरोप है कि हाई कोर्ट की डिविजन बेच द्वारा 9 मार्च 2023 को दिए गए फैसले का तीन वर्ष बाद भी विधि सम्मत पालन नहीं किया गया। यह अवमानना याचिका अभय किस्पोट्टा डॉ अजय त्रिपाठी एवं अन्य। की ओर से अधिवक्ता नेल्सन पन्ना , आशुतोष मिश्रा एवं रूपेश साहू ने प्रस्तुत की। 100 प्रतिशत आरक्षण को हाई कोर्ट ने किया था असैवधानिक घोषित मामला वर्ष 2021 भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है याचिका कर्ताओं ने WPS क्रमांक 7187/2021 एवं सम्बंधित याचिकाओं। के माध्यम से छत्तीसगढ़ मेडिकल एजुकेशन राजपत्रित सेवा भर्ती नियम 2013 के अनुसूची 3 के नोट 2 तथा 8 दिसम्बर 2021के भर्ती विज्ञप्ति के क्लाज 5 को चुनौती दी गई थी 9 मार्च 3023 को हाई कोर्ट की डिविजन बेच ने इन प्रावधानों को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया था न्यालय ने कहा था कि शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में डमेस्ट्रेटर एवं सहायक प्राध्यापक सीधी भर्ती में 100प्रतिशत महिला आरक्षण संविधान के अनुच्छेद 16 एवं 18 के अनुरूप नहीं है। सीजी पी एस सी ने संशोधित अधियाचन भेजने का किया था अनुरोध अवमानना याचिका में कहा गया की फैसलों के कुछ ही दिन बाद 15 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग cgpsc ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर हाई कोर्ट के निर्णय की जानकारी दी थी आयोग ने विभाग से निर्णय के अनुरूप संशोधित अधियाचन भेजने का अनुरोध किय था ताकि नियमित भर्ती। प्रक्रिया आगे बढ़ सके। याचिका करता अभय किस्पोट्टा का आरोप है कि विभाग ने न तो भर्ती नियमों में न तो संशोधन किया और न ही संशोधन अधियाचन आयोग को भेजा इसके चलते नियमित भर्ती प्रक्रिया आगे न बढ़ सकी। नियमित भर्ती में संविदा भर्ती का आरोप याचिका करता डॉ अजय त्रिपाठी ने लगाया बताया कि याचिका में यह भी उल्लेख किया गया की हाई कोर्ट के फैसले के अनुपालन के बजाय चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 22 जून 2026 को संविदा भर्ती का नया विज्ञापन जारी कर दिया। इस विज्ञापन को भी त्रिपाठी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी याचिका कर्ता एलयूश खलको कहना है कि रित याचिका सुनवाई के दौरान स्वयं राज्य सरकार की ओर से 15 मार्च 2023 के सीजीपीएससी पत्र का उल्लेख किया गया। जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग को जो हाई कोर्ट के निर्णय की पूरी जानकारी थी सचिव अमित कटारिया को नोटिस याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट की बाध्यकारी आदेश की जानबूझकर एवं सविचारित अवज्ञा बताते हुए अवमानना कार्यवाही की मांग की है मामले की सुनवाई करते हुए। 23 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति बी डी गुरु की एकल पीठ ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अमित कटारिया आई ए एस को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। अब सचिव की ओर से जवाब दाखिल होने के बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।
