
कोतबा। प्रदेश के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में नई शाला प्रबंधन समितियों का गठन पूरा हो चुका है, लेकिन पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय (हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम), कोतबा में अब तक नई समिति का गठन नहीं हो पाया है। इस कारण अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।जानकारी के अनुसार, इसी परिसर में संचालित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 25 जुलाई को नई समिति का गठन कर लिया गया था। वहीं, स्वामी आत्मानंद विद्यालय में अभी तक पुरानी समिति ही काम कर रही है।विद्यालय के प्राचार्य जे. के. सिदार ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से पुरानी समिति को यथावत रखने के मौखिक निर्देश दिए गए थे। हालाँकि, अब तक इस संबंध में कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश प्राप्त होंगे, नई समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।दूसरी ओर, अभिभावकों का कहना है कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार नई शाला प्रबंधन समिति का गठन समय पर किया जाना चाहिए था। उनका मानना है कि समिति के गठन में देरी होने से विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं पर असर पड़ सकता है।अभिभावकों ने यह भी मांग की है कि 15 अगस्त से पहले लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत समिति का गठन किया जाए और निर्वाचित अध्यक्ष के हाथों ध्वजारोहण कराया जाए।उल्लेखनीय है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्वामी आत्मानंद विद्यालयों की संचालन एवं प्रबंधन समितियाँ सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। ऐसे में कोतबा विद्यालय में नई समिति के गठन में हो रही देरी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है।
