
मनोरा। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को जन-जन तक पहुंचाने तथा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मनोरा ब्लॉक में सरपंच एवं सचिवों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायत स्तर पर शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, ग्रामीणों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने तथा विकास कार्यों को गति देने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, जिला पंचायत सदस्य शांति भगत, मनोरा मंडल अध्यक्ष पंकज कुमार जायसवाल, सोनक्यारी मंडल अध्यक्ष प्रभाकर यादव, मंडल महामंत्री रामदास यादव, मंडल उपाध्यक्ष सुषमा सिंह, जिला अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष हदीश अंसारी, जिलाध्यक्ष अनुसूचित जनजाति श्यामलाल भगत, मंडल अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति रंजीत भगत, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष आरती सिंह, मंडल उपाध्यक्ष भजूनंदन नायक, पूर्व जनपद अध्यक्ष गोविंद राम भगत, सोनक्यारी महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सलमा भगत, जनपद सदस्य कांटा भगत सहित जनपद सीईओ रघुनाथ राम, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच एवं सचिव उपस्थित रहे।

पंचायतों की भूमिका पर दिया जोरबैठक में विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में ग्राम पंचायतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर प्रभावी समन्वय आवश्यक है। इसके लिए सरपंच एवं सचिवों से योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया।सालिक साय ने गिनाईं सरकार की प्राथमिकताएंइस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन और विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अगुवाई में गांवों के विकास को लेकर लगातार कार्य किए जा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे और विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनी रहे।सालिक साय ने सरपंच एवं सचिवों से ग्रामीणों की स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सामने लाने तथा उपलब्ध योजनाओं के माध्यम से उनके समाधान की दिशा में काम करने का आह्वान किया।रोजगार और आजीविका पर विशेष फोकसबैठक में रोजगार एवं आजीविका से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा पंचायतों में विकास कार्यों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक पहल करने पर जोर दिया गया।अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में प्रशासन का सहयोग करें।बैठक के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सरपंचों एवं सचिवों ने पंचायत स्तर की आवश्यकताओं और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श किया। बैठक का उद्देश्य शासन की विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करते हुए विकसित भारत 2047 के संकल्प में ग्रामीण क्षेत्रों की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
