
छत्तीसगढ़ शासन सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय नवीन महाविद्यालय मनोरा में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में प्राकृतिक और जैविक संसाधनों जिसे फूल, पत्ति, मिट्टी, धूल,धान जैसे ऑर्गेनिक चीज़ों का उपयोग करके इको-फ्रेंडली रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गया ।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोविन्द राम भगत पर्व विधायक प्रत्याशी जशपुर, सतीश मिंज अल्प संख्यक मोर्चा जिला मंत्री, सलमा भगत बीडीसी मनोरा और अतिथि के रूप में संतकुमारी उपसरपंच मनोरा, आरती सिंह महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष, सोसन लकड़ा जनपद सदस्य, भारती पैकरा, सरिता बाई, विश्राम राम भगत, प्रतिमा भगत, दुर्गावती, कुंती आस्तिना मिंज, मीनाक्षी श्रीवास्तव और अन्य इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए शामिल हुए। गोविंद राम भगत जी ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए सेवा संकल्प अभियान के बारे में बताया और कहा कि रंगोली केवल एक सांस्कृतिक कला नहीं है, बल्कि यह संदेश देने का एक सशक्त माध्यम भी है।

सेवा संकल्प’ अभियान के तहत आयोजित इस गतिविधि से युवाओं में समाज सेवा और नैतिक मूल्यों का विकास होता है। रंगोली प्रतियोगिता के लिए मुख्य रूप से सामाजिक विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जिसे डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय चेतना, भारत की जीत, भारत की उपलब्धि, योगा, एक पेड़ माँ के नाम, भारत सरकार की योजना आदि थे।कार्यक्रम में ITI मनोरा और स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय मनोरा के छात्र- छात्राएं भी इस प्रतियोगिता में शामिल थे।प्रतिभागियों ने प्राकृतिक रंगों, फूलों की पंखुड़ियों, मिट्टी, धन, चावल और आटे का उपयोग कर आकर्षक रंगोली बनाईं गई।निर्णायक समिति ने विषयों की प्रासंगिकता, रंगों के चयन, प्रकृति वस्तु, स्वच्छता और कलात्मक प्रस्तुतीकरण के आधार पर विजेताओं का चयन किया प्रथम स्थान – ‘एक पेड़ माँ के नाम’ थीम पर आधारित मलिका एंड ग्रुप मिला।द्वितीय स्थान- स्वामी आत्मानंद विद्यालय के छात्र, तृतीय स्थान- गायत्री एंड ग्रुप को दिया गया।विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य शांति प्रकाश भगत शासकीय नवीन महाविद्यालय मनोरा ने अतिथियों का धन्यवाद दिया और साथ ही साथ सभी प्रतिभागियों की कला का सहारना करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। इस कार्यक्रम में 150 से जदा छात्र शामिल थे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक उत्तरदायित्व, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और जनसेवा की भावना को कलात्मक माध्यम से जागृत करना था।
