ओमेक्स-मिनरल्स कोल साइडिंग को 2015 में नगर पंचायत द्वारा अनापत्ति प्रमाण जारी जनाक्रोश के बाद एनओसी-निरस्त किए जाने की बात।
*एनोसी-निरस्त के बाद ओमेक्स-मिनरल्स कोल साइडिंग का 27-लाख का टैक्स बकाया किस बात का…?
जब एनोसी दिया ही नहीं गया तो टैक्स किस बात का..?**10-लाख का चेक नगर पालिका के नाम ओमेक्स मिनरल्स कोल साइडिंग द्वारा जारी…फिर चेक वापसी की बात नोटशीट पर क्यों लिखी गई, क्या चक्कर है…दया..?

दिनांक:-23/10/2026**मोहम्मद जावेद खान हरित छत्तीसगढ़ कोटा।।**करगीरोड-कोटा:-नगर-पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 और 15 में प्रस्तावित कोलवाशरी रेलवे साइडिंग को लेकर वार्डवासियों ने विरोध जताते हुए नगर-पालिका अधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपा सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तावित परियोजना से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा आवेदन निरस्त करने की मांग प्रभावित वार्डवासियों द्वारा की गई, ज्ञापन में प्रस्तावित कोलवाशरी एवं रेलवे साइडिंग से कोयले का डस्ट वायु जल सहित पर्यावरण प्रदूषण के साथ भारी वाहनों की आवाजाही से जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका को लेकर वार्डवासियों के साथ साथ कोटा-नगरवासियों के स्वास्थ और सामान्य जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।**ज्ञापन सौंपने पहुंचे आमजनों ने नगर पालिका परिषद की विशेष सत्र की तरह सामान्य सभा की बैठक बुलाकर इस गंभीर विषय पर चर्चा की मांग की गई है, जिसमें कि नगरीय क्षेत्र अंतर्गत कोलवाशरी-रेलवे साइडिंग सहित प्रदूषणकारी परियोजनाओं को NOC नहीं देने के संबंध में प्रस्ताव पारित करने के साथ कोटा नगर के आमजनों की आपत्तियों को बैठक की आधिकारिक कार्यवाही में दर्ज करने के साथ निर्णय को सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सीएमओ व अध्यक्ष रहे नदारद इंजीनियर को सौंपा ज्ञापन:–
*ज्ञापन देने नगर पालिका कार्यालय पहुंचे आमजनों को उस समय झटका लगा जब नगर पालिका अधिकारी सहित नगरपालिका अध्यक्ष कार्यालय में अनुपस्थिति के दौरान नगर-पालिका के इंजीनियर को ज्ञापन सौंपना पड़ा, जिसको लेकर आमजनों में नाराजगी देखी गई अधिकारी व अध्यक्ष महोदया की अनुपस्थिति का कारण अस्पष्ट है,ज्ञापन में यह भी मांग की गई है, कि प्रस्तावित परियोजना के संबंध में नियमानुसार निर्णय लिया जाए तथा नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को गंभीरता से ध्यान में रखा जाए, इसके साथ ही नगर पालिका परिषद की बैठक की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने और निर्णयों का लिखित विवरण उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है, आमजनों का ये भी कहना था कि नगर विकास आवश्यक है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देना भी जरूरी है, उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतते हुए जनहित के अनुरूप निर्णय लेने की अपील की है।

प्रकाश जायसवाल ने हरित छत्तीसगढ़ से बात की:–**कोटा में प्रदूषण फैलाने वाली परियोजनाएं किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होंगी, कोलवाशरी और रेलवे-साइडिंग की NOC का आवेदन तत्काल निरस्त की जाए इससे पूर्व में इसी प्रस्तावित कोलवासरी का विरोध किया जा चुका जनहित में हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।**सीएमओ-राहुल यादव ने कहा:–**तिवरता-कोल-बेनीफकेशन के नाम से प्रस्तावित कोलवासरी के अनापत्ति प्रमाण के लिए वर्तमान में अभी कोई भी आवेदन हमारे पास नहीं आया है..इससे पूर्व के आवेदन की मुझे जानकारी नहीं है।सोशल-मीडिया प्लेटफार्म पर पूरी क्रांति…और क्रांतिवीर:–
*प्रस्तावित-कोलवासरी पर नगर के व्हाट्सअप ग्रुप सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर तो जनाक्रोश भरभर कर दिखाई पड़ रहा है, पर आज ज्ञापन सौंपने के दौरान जमीनी स्तर पर केवल गिने चुने लोग ही पहुंचे इस पर भी नगर के कुछ लोगों की प्रतिक्रिया सामने आई जो जिन्होंने कहा कि पूरी क्रान्ति इस समय नगर के व्हाट्सअप ग्रुप में ही दिखाई देती है, ग्राउंड पर नहीं..? जिस हिसाब से विरोध दिखाई पड़ रहा है, उस हिसाब से तो नगरपालिका कार्यालय में पांव रखने की जगह नहीं बचनी चाहिए..या फिर जनहित से जुड़े बुनियादी मुद्दों-बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने से पहले त्यौहारों की तरह धुमाल या जगराता कार्यक्रम जैसे कार्यक्रम किया जाए ताकि नगरवासी इकट्ठे हो सके।
