शासन के तबादला आदेश के बाद भी पत्थलगांव में अटैच! संजय चन्द्रा की पदस्थापना को लेकर उठे सवाल

शासन ने जनपद पंचायत पत्थलगांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय चन्द्रा का तबादला जनपद पंचायत कुनकुरी किया था, लेकिन जिला स्तर से उन्हें पुनः पत्थलगांव में अटैच किए जाने को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।पत्थलगांव। छत्तीसगढ़ शासन के स्थानांतरण आदेश के बाद भी अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर जिले में एक नया मामला चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत पत्थलगांव में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ संजय चन्द्रा का शासन स्तर से स्थानांतरण जनपद पंचायत कुनकुरी किया गया था।

लेकिन स्थानांतरण आदेश के बावजूद उन्हें जिला स्तर से पुनः जनपद पंचायत पत्थलगांव में अटैच कर दिया गया है।इस मामले को लेकर अब यह सवाल उठने लगा है कि जब शासन स्तर से किसी अधिकारी का स्थानांतरण आदेश जारी किया जाता है, तो क्या जिला स्तर पर उन्हें उसी स्थान पर अटैच रखने का निर्णय लिया जा सकता है? यदि ऐसा किया गया है तो इसके पीछे क्या प्रशासनिक औचित्य है और क्या इसके लिए सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त की गई है?गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग के 11 अप्रैल 2025 के विभागीय परिपत्र में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के प्रभार से संबंधित निर्देशों का उल्लेख सामने आया है। ऐसे में संजय चन्द्रा की पदस्थापना एवं अटैचमेंट की वैधानिक स्थिति को लेकर विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।अब उठ रहे हैं ये सवाल1. शासन के स्थानांतरण आदेश के बाद संजय चन्द्रा को पत्थलगांव में किस आदेश के तहत अटैच किया गया?2. क्या जिला स्तर को शासन के स्थानांतरण आदेश में बदलाव या स्थगन करने का अधिकार प्राप्त है?3. क्या इस अटैचमेंट के लिए शासन अथवा सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति ली गई है?4. क्या संबंधित विभागीय परिपत्र और स्थानांतरण नीति का पालन किया गया है?फिलहाल इस पूरे मामले में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संबंध में क्या स्पष्टीकरण देता है और शासन के स्थानांतरण आदेश के पालन को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
