बिहान योजना से आत्मनिर्भरता की ओर अनीता

ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की बिहान योजना जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव की मिसाल बन रही है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के पंचायत नागपुर की निवासी अनीता की इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सही मार्गदर्शन, योजनांतर्गत सहयोग और दृढ़ संकल्प से साधारण जीवन भी उपलब्धियों में बदल सकता है।

कभी सीमित घरेलू आय और रोजमर्रा की चिंताओं में उलझी रहने वाली अनीता आज गांव की उन महिलाओं में शामिल हैं, जिनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। यह परिवर्तन किसी एक दिन में नहीं हुआ, बल्कि स्व-सहायता समूह से जुड़ाव, सामूहिक सहयोग और स्वयं की मेहनत का परिणाम है। अनीता जब ‘जय माता दी’ स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तब उनके पास न पूंजी थी और न ही कोई स्पष्ट व्यवसायिक योजना। समूह की बैठकों में आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार पर हुई चर्चाओं ने उनके भीतर आत्मविश्वास जगाया।

बिहान योजना के अंतर्गत उन्हें ऋण, बैंक लिंकेज तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के माध्यम से कुल 39 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस सहयोग से अगस्त 2022 में अनीता ने गांव के चौराहे पर एक छोटी-सी चाय-नाश्ता दुकान की शुरुआत की। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह प्रयास जल्द ही स्वाद, स्वच्छता और व्यवहार के कारण ग्रामीणों की पसंद बन गया। आज अनीता को इस छोटे से व्यवसाय से प्रतिमाह 4 से 5 हजार रुपये की नियमित आय हो रही है। इस आमदनी से वे बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को आत्मनिर्भर रूप से पूरा कर रही हैं। अनीता का कहना है कि अब उन्हें खर्चों को लेकर असुरक्षा नहीं रहती, क्योंकि उनके पास स्वयं की आय का भरोसा है।

अनीता की यह सफलता उस सोच की जीत है जो यह सिद्ध करती है कि ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। बिहान योजना ने उन्हें रोजगार के साथ पहचान, सम्मान और आत्मविश्वास दिया है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *