

जशपुर।बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्ति जागरूकता रथ को छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय के सामने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इसी तरह अनेकों जागरूकता रथ देश के अलग-अलग 439 जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर बाल विवाह रोकने को लेकर जनजागरूकता फैलाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है और इसके लिए अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में बाल विवाह की दर अपेक्षाकृत कम है तथा कई जिलों को बाल विवाह मुक्त जिला घोषित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन सहित अन्य संस्थाएं बाल विवाह उन्मूलन के लिए सराहनीय जागरूकता अभियान चला रही हैं। व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है।इस दौरान विधान चंद्र सिंह, राष्ट्रीय समन्वयक चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया, ने जानकारी दी कि 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दिसंबर से शुरू किया गया सौ दिवसीय कैंपिंग अभियान 8 मार्च को संपन्न होगा, जिसका उद्देश्य बाल विवाह रोकना है।

कार्यक्रम में अंजली ताम्रकार, जिला समन्वयक समर्पित संस्था, जशपुर ने कहा कि बाल विवाह समाप्त करना हमारा सामूहिक संकल्प है।

वहीं प्रतिभा बड़ा, सरपंच देवी दाड़गांव जशपुर ने भी अभियान में सहभागिता देते हुए इसकी सराहना की। इस मौके पर स्वयंसेवी संस्था जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एवं समर्पित एनजीओ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

