
पत्थलगांव।पत्थलगांव के ग्राम पंचायत सुसडेगा अंतर्गत मांड नदी में स्थित मंडेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु तड़के सुबह से ही मंडेश्वर धाम पहुंचने लगे। चारों ओर हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया।मंडेश्वर धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहां बरसों से स्वयं प्रकट शिवलिंग है,

जिसे लेकर मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना से भगवान भोलेनाथ श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यही कारण है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर न केवल जशपुर जिले, बल्कि आसपास के रायगढ़ एवं सरगुजा जिले से भी भारी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

मांड नदी का कल-कल करता निर्मल जल इस धाम की शोभा को और भी बढ़ा देता है। नदी में बहते पानी ने चट्टानों को ऐसा प्राकृतिक स्वरूप दे दिया है कि कई स्थानों पर भगवान शिव के आकार जैसे प्राकृतिक रूप स्वतः निर्मित हो गए हैं।

ये अद्भुत प्राकृतिक आकृतियां श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ-साथ आकर्षण का भी केंद्र बनी हुई हैं।

श्रद्धालु मांड नदी के पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। कई भक्तों ने व्रत रखकर विशेष अनुष्ठान किए, वहीं परिवार सहित पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

पूरे दिन मंदिर परिसर और नदी तट पर भक्तों की आवाजाही बनी रही।महाशिवरात्रि को लेकर स्थानीय समिति द्वारा व्यवस्थाएं की गई थीं। मंडेश्वर धाम में महाशिवरात्रि का यह पर्व आस्था, प्रकृति और श्रद्धा के अद्भुत संगम के रूप में प्रसिद्ध हो गया है।

