

पत्थलगांव (जशपुर)। शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला बागबहार में पदस्थ शिक्षक चमरसाय पैकरा पर अपनी पुत्री कु० उमा भारती पैकरा को पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के अंतर्गत संचालित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यालय में गलत आय प्रमाण पत्र के आधार पर प्रवेश दिलाने का गंभीर आरोप लगा है। इस संबंध में एक संगठन द्वारा विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई है।शिकायत में बताया गया है कि चमरसाय पैकरा, शासकीय शिक्षक (एल.बी.) हैं। वर्ष 2023–24 में उनका मासिक सकल वेतन के आधार पर उनकी वार्षिक आय लगभग सात लाख तिरासी हजार तीन सौ साठ रुपये होती है।

इसके बावजूद उन्होंने न्यायालय तहसीलदार, तहसील पत्थलगांव से सभी स्रोतों से वार्षिक आय मात्र 75 हजार दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र बनवाया।शिकायतकर्ता का आरोप है कि उक्त आय प्रमाण पत्र सांठगांठ कर बनवाया गया और उसी के आधार पर चमरसाय पैकरा की पुत्री कु० उमा भारती पैकरा को वर्ष 2024–25 में पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के अंतर्गत कक्षा 6वीं में निःशुल्क अध्ययन हेतु अनुसूचित जनजाति वर्ग में प्रवेश मिल गया। चयन सूची में उनका नाम सरल क्रमांक 08 पर दर्ज है। वर्तमान में छात्रा कक्षा 6वीं उत्तीर्ण कर कक्षा 7वीं में अध्ययनरत बताई जा रही है।शिकायत में यह भी उल्लेख है कि शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद चमरसाय पैकरा ने अपनी वास्तविक वार्षिक आय के तथ्य को छिपाया, जो कदाचार की श्रेणी में आता है। मामले की शिकायत पत्थलगांव एसडीओपी के समक्ष प्रस्तुत की गई है।इस संबंध में डॉ. ध्रुवेश जायसवाल ने बताया कि शिकायत पर जांच जारी है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

