हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल: बाबा सुलतान पीर का उर्स 26 मार्च को धूमधाम से

पत्थलगांव। बाबा हजरत सैयद सुलतान पीर का सालाना उर्स 26 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर बाबा के मदनपुर इंजको स्थित मजार पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमंे दूरदराज के क्षेत्रों से बाबा के भक्त शामिल होंगे। इस अवसर पर यहां सामूहिक भोज का भी आयोजन किया जाएगा।
जहां आस्था के नाम पर चहुंओर भेदभाव और अलगाववाद का बोलबाला है वहीं पत्थलगांव में मदनपुर इंजको स्थित बाबा हजरत सैयद सुलतान पीर की मजार हिंदुओं और मुसलमानों के लिए धार्मिक सौहार्द्र और भाईचारे का पर्याय मानी जाती हैै। इस मजार की स्थापना स्व पं रामधारी शर्मा और उनकी पत्नी स्व श्रीमती गीतादेवी शर्मा ने की थी। आज अशोक शर्मा समेत उनके पुत्र एवं परिवारजन इसकी देखभाल करते हैं। बाबा के मानने वालों में अलग-अलग धर्मों के लोग शामिल हैं। बाबा के भक्तों द्वारा प्रतिवर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार को बाबा का उर्स मनाया जाता है। इस अवसर पर बाबा की मजार पर विशेष पूजा अर्चना की जाती है। नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा अंबिकापुर,रायगढ़,कांसाबेल, प्रतापगढ़ व कलकत्ता और दिल्ली से भी बाबा के भक्त उर्स में शामिल होते हैं। बाबा के परमभक्त अशोक शर्मा ने बताया कि इस वर्ष भी 26 मार्च गुरुवार को बाबा का सालाना उर्स मनाया जाना है। उन्होंने बताया कि इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार को 3 बजे दोपहर से रात्रि को 10 बजे तक यहां धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सर्वप्रथम बाबा की मजार पर विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। दोपहर बाद यहां चादरपोशी की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। उन्हांेने बताया कि वर्ष भर श्रद्धालु बाबा के दर पर आकर मन्नतें मांगतें हैं और मन्नतें पूरी होने पर भक्तों द्वारा बाबा के मजार पर आकर चादरें चढ़ाई जाती हैं। इन चादरों को उर्स के दिन जरुरतमंदों को बांट दिया जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उर्स के दिन भी बाबा की मजार पर चादरपोशी के लिए यहां पहुंचते हैं। भक्तों द्वारा बाबा की मजार पर अगरबत्ती,इत्र और प्रसाद भी चढ़ाया जाता है। उन्होंने बताया कि चादरपोशी के दौरान मौलवियों द्वारा मजार पर फातिहा पढ़ने की प्रक्रिया भी संपादित की जाएगी।
चढ़ेगा मन्नतों का प्रसाद
उर्स के मौके पर यहां भंडारे के आयोजन की भी परंपरा रही है। हजारों की संख्या में बाबा के भक्त सामूहिक रुप से भंडारे में बाबा का प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दौरान हिंदू,मुस्लिम,क्रिश्चियन का भेद मिट जाता है और सभी भक्त एक ही स्थान पर एक साथ बैठकर भोजन करते हैं। बाबा के भक्त अशोक शर्मा ने बताया कि इस वर्ष भी उर्स के मौके पर यहां भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम भंडारे के प्रसाद का बाबा को भोग लगाया जाएगा। इसके बाद इसे बाबा के भक्तों में वितरित किया जाएगा। प्रति वर्ष यहां सवामनी भी चढ़ाई जाती है। उन्होंने बताया कि जिन भक्तों द्वारा सवामनी प्रसाद चढ़ाए जाने का संकल्प लिया गया है उनके द्वारा यहां प्रसाद बाबा को अर्पित किया जाएगा। चादरपोशी के बाद भक्तों को प्रसाद का वितरण होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *