जशपुर के हस्तिनापुर में पारंपरिक टुंटा परब का आयोजन, आदिवासी संस्कृति की दिखी झलक


। जशपुर जिले के नारायणपुर क्षेत्र स्थित हस्तिनापुर में उरांव जनजाति एवं आसपास के आदिवासी समुदायों द्वारा पारंपरिक टुंटा परब हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय मान्यताओं और परंपराओं से जुड़े इस पर्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं समाज के लोग शामिल हुए।


टुंटा परब को आदिवासी समाज में प्रकृति, खेती, जंगल और सामुदायिक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस अवसर पर गांव के देवी-देवताओं एवं ग्राम रक्षकों की पूजा-अर्चना की गई तथा समाज की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और पशुधन की रक्षा की कामना की गई।


पर्व के दौरान पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन करते हुए एकता और भाईचारे का संदेश दिया।


भाजयुमो नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता विकास नाग ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकांश पर्व प्रकृति और सामुदायिक जीवन से जुड़े होते हैं। ऐसे आयोजन समाज की सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर मूली पढ़आ देवान अरविंद निराला, उप देवान संतोष भगत, डाड़ा पढ़आ बेल राजाराम नारायणपुर, डाड़ा पढ़आ देवान विशुन भगत, राजी पढ़आ परामर्श चरकु भगत, सलाहकार कृष्णा प्रधान, सलाहकार ललित भगत, मूली पढ़आ अध्यक्ष शत्रुधन भगत एवं पूजा सुमन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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