
जशपुर। केंद्र में भारतीय जनता पार्टी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा द्वारा जशपुर जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।कार्यक्रम में किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, रायमुनी भगत, राम प्रताप सिंह, सालिक साय, कृष्ण कुमार राय, भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, सुनील गुप्ता, अमर सुल्तानिया, नरेश नंदे, शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, यश प्रताप सिंह जूदेव, अशोक गुप्ता, मुकेश शर्मा, मनीष अग्रवाल, उपेन्द्र यादव, मुनेश्वर केसर, केशव यादव, अनूप नारायण, गेंद बिहारी, संजीव ओझा, कपिलेश्वर एवं सुदर्शन पटेल सहित भाजपा और किसान मोर्चा के जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महामंत्री तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं, जिनका लाभ देश के करोड़ों किसानों को मिल रहा है। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीक के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की।इस अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिनेश प्रसाद ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की एक पद्धति नहीं बल्कि किसानों की आर्थिक समृद्धि और स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार योजनाएं संचालित कर रही है।

किसान मोर्चा द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लाभों से अवगत कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर कृषि की ओर प्रेरित करना है।कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, जैविक खाद के उपयोग, लागत कम करने के उपाय तथा उत्पादन बढ़ाने के संबंध में जानकारी दी। कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव साझा किए।
