खेत में काम के दौरान विषैले सांप ने डंसा, परिजनों की तत्परता और समय पर इलाज से टला बड़ा हादसा


पत्थलगांव। थाना क्षेत्र के ग्राम सारसमार में समय पर उपचार मिलने से सर्पदंश के शिकार एक युवक की जान बच गई। यह घटना ग्रामीणों के लिए जागरूकता का संदेश भी है कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।जानकारी के अनुसार कमल साय (पिता- भेष राम) खेत में बोरिंग के पास काम करने गया था। इसी दौरान अचानक एक विषैले सांप ने उसके पैर में डंस लिया। घटना के बाद परिजनों ने बिना देर किए उसे तत्काल सिविल अस्पताल पत्थलगांव पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया।अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संदीप भारती ने बताया कि मरीज को सही समय पर अस्पताल लाया गया, जिससे तत्काल उपचार संभव हो सका। फिलहाल मरीज की हालत सामान्य है और चिकित्सकीय निगरानी में उसका इलाज जारी है।डॉ. भारती ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा न करें। मरीज को जितनी जल्दी हो सके नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि समय पर इलाज ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।

हरित छत्तीसगढ़ टीम की अपील:
सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में अफवाहों और अंधविश्वास से बचें। समय पर चिकित्सा ही जीवन की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।

