श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा : पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का तृतीय दिवस संपन्न,,भगवान श्रीकृष्ण की दही-हांडी लीला ने भक्तों को किया मंत्रमुग्ध, आज होगा भव्य रुक्मिणी विवाह उत्सव

दोकड़ा। श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव दोकड़ा के अंतर्गत आयोजित पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा का तृतीय दिवस रविवार को भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कथा वाचक एवं छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कीर्तन गायक श्री कामता प्रसाद शरण जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं किशोर लीलाओं का मनमोहक वर्णन करते हुए विशेष रूप से दही-हांडी (माखन चोरी) लीला का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। कथा के साथ संगीतमय भजनों और कीर्तन से पूरा कथा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी कोई साधारण घटना नहीं,

बल्कि भक्त और भगवान के प्रेम का दिव्य प्रतीक है। श्रीकृष्ण का गोप-बालकों के साथ मिलकर दही-हांडी फोड़ना, गोकुल की गलियों में नटखट बालक के रूप में विहार करना तथा गोपियों के साथ उनकी प्रेममयी लीलाएं मानव जीवन को प्रेम, सरलता, आनंद और निष्काम भक्ति का संदेश देती हैं।उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला में गहरा आध्यात्मिक संदेश छिपा है। दही-हांडी लीला यह सिखाती है कि सामूहिक प्रयास, एकता, प्रेम और विश्वास से जीवन की हर ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता है।

कथा के दौरान श्रद्धालु श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का श्रवण कर भाव-विभोर हो उठे और पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया।संध्या के समय प्रस्तुत संगीतमय भजन-कीर्तन में श्रद्धालु झूम उठे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का रसपान किया तथा भगवान श्री जगन्नाथ और श्रीकृष्ण के चरणों में सुख, शांति, समृद्धि एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना की।

यह पांच दिवसीय श्री जगन्नाथ कथा श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा के गजपति महाराज एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के विशेष सानिध्य में आयोजित की जा रही है। प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक कथा एवं संगीतमय भजन-कीर्तन का आयोजन हो रहा है, जिसमें दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।आज होगा भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का भव्य आयोजनश्री जगन्नाथ मंदिर समिति ने बताया कि कथा के चतुर्थ दिवस भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह उत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा।

विवाह प्रसंग के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, मंगल गीत, संगीतमय भजन-कीर्तन तथा विशेष महाआरती का आयोजन होगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर इस दिव्य एवं अलौकिक विवाह उत्सव में सहभागी बनने का आग्रह किया है।श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के चलते पूरे दोकड़ा क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्सव का वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालुओं में आगामी रुक्मिणी विवाह महोत्सव को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

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