
रायपुर। VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन कटौती संबंधी आदेश के बाद आज छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक (डीपीई) से मुलाकात कर इस विषय पर विस्तार से चर्चा की तथा ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल ने डीपीई को बताया कि VSK ऐप में अनेक तकनीकी समस्याएं हैं, जिनके कारण कई शिक्षक नियमित रूप से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। फेडरेशन ने मांग की कि जब तक इन तकनीकी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन कटौती की कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं होगा।फेडरेशन ने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि वे वेतन कटौती को लेकर भयभीत न हों। डीपीई ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि किसी भी शिक्षक का पक्ष सुने बिना वेतन कटौती नहीं की जाएगी। जिन शिक्षकों को VSK ऐप में पंजीयन अथवा ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, उनसे विभाग उनका अभिमत प्राप्त करेगा और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि जब प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत शिक्षक VSK ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं, तो शेष 20 प्रतिशत शिक्षक किन कारणों से ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, इसकी पहले विभागीय समीक्षा की जानी चाहिए। संबंधित शिक्षकों का पक्ष जाने बिना सीधे वेतन कटौती करना उचित नहीं है।सभी बिंदुओं पर चर्चा के बाद डीपीई ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि शिक्षकों का अभिमत लिए बिना किसी भी प्रकार की वेतन कटौती नहीं की जाएगी। जिन शिक्षकों को तकनीकी अथवा अन्य समस्याओं के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में कठिनाई हुई है, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर आवश्यक निराकरण किया जाएगा।मुलाकात के दौरान फेडरेशन ने विभागीय टीईटी आयोजित कर सेवारत शिक्षकों को राहत प्रदान करने की मांग भी रखी। इस पर डीपीई ने आश्वासन दिया कि इस मांग को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा।इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, प्रदेश संयोजक मनीष मिश्रा, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बसंत कौशिक, प्रदेश मीडिया प्रभारी अशोक कुमार धुर्वे पीताम्बर बंजारे प्रदेश प्रवक्ता हुलेश चंद्राकर, प्रदेश सचिव राजू टंडन तथा प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख लखेश्वर वर्मा मनोज साहू दीपक साहू गजेंद्र वर्मा सहित फेडरेशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
