
🇮🇳

धरमजयगढ़। शासकीय पट्टे की भूमि के अवैध क्रय-विक्रय का मामला सामने आने के बाद धरमजयगढ़ पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में नरेन्द्र सिंह, महेन्द्र प्रताप सिंह, राजेश अग्रवाल और बजरंग लाल अग्रवाल के नाम शामिल हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्व निरीक्षक रामकुमार राम (52 वर्ष), बाकारूमा अतिरिक्त प्रभार धरमजयगढ़ ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ के आदेश पर पुलिस थाने में लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत के मुताबिक ग्राम मेढ़रमार, तहसील धरमजयगढ़ स्थित खसरा नंबर 25/1/क/11, रकबा 4.047 हेक्टेयर, शासकीय पट्टे की भूमि है।आरोप है कि प्रथम शासकीय पट्टेदार राजनंदन सिंह के वारिस नरेन्द्र सिंह एवं महेन्द्र प्रताप सिंह, निवासी इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश), ने सक्षम अधिकारी की अनुमति लिए बिना उक्त भूमि को 15 मार्च 2021 को पंजीकृत विक्रय विलेख के जरिए राजेश अग्रवाल एवं बजरंग लाल अग्रवाल को करीब 16 लाख 29 हजार रुपये में बेच दिया।राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय ने मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर रायगढ़ को विधिसम्मत कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजा था। जांच में उक्त भूमि के हस्तांतरण को छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 158 एवं 165(7-ख) के प्रावधानों का उल्लंघन बताया गया है।राजस्व विभाग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी एवं साझा आपराधिक आशय से संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। अब पुलिस यह जांच करेगी कि शासकीय पट्टे की भूमि का विक्रय किन परिस्थितियों में हुआ, क्या सक्षम अधिकारी से अनुमति ली गई थी और इस पूरे लेनदेन में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।

