
शेखरपुर — औघड़ आश्रम, मां काली मंदिर शेखरपुर में चल रहे दो दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रम के दूसरे दिन 20 जनवरी 2026 को अखंड जाप अघोरान्नाम परो मंत्र का सुबह 9 बजे समापन हुआ। यह अखंड जाप 19 जनवरी से लगातार 24 घंटे तक चला, जिसमें दिन और रात सैकड़ों भक्तों व अनुयायियों ने सहभागिता कर पूरे परिसर को भक्ति के रंग में रंग दिया।

अखंड पाठ समापन के पश्चात आरती, हवन-पूजन एवं “सफल योनि” का सामूहिक पाठ किया गया। इसके उपरांत मंदिर परिसर के पीछे स्थित भैरव पहाड़ी पर भैरव बाबा का विधिवत पूजन किया गया।मार्गदर्शिका अनुसार दोपहर के भोजन पश्चात दोपहर 2 बजे कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे गणमान्य अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया गया।

स्वागत में राजा भुवन प्रताप सिंह, कुदरगढ़ मंदिर के व्यवस्थापकगण, सदानंद गुप्ता, सत्यनारायण शर्मा, हरगोविंद अग्रवाल, राम पुकार, प्रभात सिडाम, डॉ. चन्द्रशेखर त्रिपाठी, सुरेश अग्रवाल, विजय भास्कर शर्मा, मुरलीधर डनसेना, छत्रमोहन यादव सहित अन्य आमंत्रित उपस्थित रहे।

अतिथियों को मंदिर प्रांगण से विद्यालय परिसर तक पुष्प वर्षा एवं गाजे-बाजे के साथ सम्मान सहित ले जाया गया, जहाँ गोष्ठी आयोजित की गई।गोष्ठी में अतिथियों ने अपने उद्बोधन में संस्था संचालक संतोष बाबा द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यों की सराहना की।

वक्ताओं ने कहा कि अत्यंत पिछड़े आदिवासी अंचल में शिक्षा का प्रसार कर बालक-बालिकाओं में संस्कार और जागरूकता के बीज बोए गए, जो आज फलित होते दिखाई दे रहे हैं।

गौरतलब है कि संतोष बाबा ने क्षेत्र के अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए औघड़ बाबा विद्यालय की स्थापना की थी, जो अब हाईस्कूल के रूप में विकसित हो चुका है।

विद्यालय में बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, साथ ही स्कूल यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, अन्य वस्त्र, भोजन तथा छात्रावास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वर्तमान में इस संस्था में लगभग 500 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं और उत्तम संस्कार प्राप्त कर रहे हैं।गोष्ठी के अंत में संतोष बाबा ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम उपरांत यहां व आसपास के गरीब, दीन-हीन एवं जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरण भी किया गया।

