माँ के पदार्पण दिवस का भव्य आयोजन, महुवाटिकरा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

पत्थलगांव-
माघ माह के शुक्ल पक्ष की 10वीं तिथि को प्रति वर्ष माँ के पदार्पण दिवस के रूप में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इसी कड़ी में इस वर्ष भी पूज्य गुरूजी एवं पूजनीय बूढ़ी माँ (जो वर्तमान में परलोक सिधार चुकी हैं) की स्मृति में महुवाटिकरा स्थित आदि शक्ति मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।

सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं का आगमन मंदिर परिसर में शुरू हो गया। भक्तों ने माँ के नाम से बने पूज्य गुरूजी एवं पूजनीय बूढ़ी माँ के मंदिर से पवित्र जल ग्रहण किया और बोतलों में भरकर अपने-अपने घरों तक ले गए। मान्यता है कि इस जल से असाध्य रोगों में लाभ मिलता है तथा घर में सुख-शांति बनी रहती है।

शाम के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और माँ की पुकार लगाते हुए अपने दुःख-दर्द दूर करने की कामना के साथ आराधना की।

मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। श्रद्धालुओं का कहना है कि यहाँ रखा गया घुंडी जल प्रसाद अन्य दिनों में भी लोग लेकर जाते हैं और मनोकामना पूर्ण होने का अनुभव करते हैं।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, पूज्य गुरूजी एवं पूजनीय बूढ़ी माँ के मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

भक्ति-भाव से ओत-प्रोत वातावरण को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो दिन में होली और रात में दिवाली का आनंद भक्त प्रतिदिन लेते हों। माँ के आशीर्वाद और दया की बरसात ही इस मंदिर की सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है।

श्रद्धालुओं ने आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजकों का आभार जताया और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की कामना की।

