पाकरगांव में एस. एम. ज्ञानोदय हायर सेकेंडरी स्कूल का भव्य वार्षिक उत्सव सम्पन्न

पाकरगांव। पाकरगांव स्थित एस. एम. ज्ञानोदय हायर सेकेंडरी स्कूल में वार्षिक उत्सव समारोह बड़े ही हर्षोल्लास, धूमधाम एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय का सानिध्य प्राप्त हुआ।

उनके आगमन से विद्यालय परिवार एवं ग्रामवासियों में विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में विद्यालय के पालक-पालिकाएँ, गणमान्य नागरिक, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ एवं ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार हुआ।

विद्यालय के डायरेक्टर श्री कन्हैया यादव ने स्वागत भाषण में मुख्य अतिथि का आत्मीय अभिनंदन करते हुए विद्यालय की प्रगति, शैक्षणिक उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला।

उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सहयोग की अपेक्षा व्यक्त करते हुए विद्यालय परिवार की ओर से आभार प्रकट किया।

इसके पश्चात विद्यालय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें बोर्ड परीक्षा के उत्कृष्ट परिणाम, नवोदय एवं एकलव्य विद्यालयों में चयनित विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ तथा विभिन्न सांस्कृतिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों में प्राप्त सफलताओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिवेदन ने विद्यालय की निरंतर प्रगति को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। मनमोहक नृत्य, देशभक्ति गीत, प्रेरणादायक भाषण एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या देवी साय ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन एवं संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की सीख दी तथा विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। रात्रि में सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के लिए सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई, जिसमें सभी ने स्नेहपूर्वक सहभागिता की।इस प्रकार वार्षिक उत्सव समारोह विद्यालय के लिए अविस्मरणीय, प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक क्षण बन गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *