गांव-गांव में नाटक और मेले के आयोजन बच्चों और युवाओं में उत्साह तो भर देते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी कई बार गंभीर सवाल खड़े कर देती है। नाटक देखने के बाद देर रात तक बच्चों का अकेले लौटना, पर्याप्त प्रकाश, सुरक्षा और निगरानी का अभाव, तथा आयोजकों की लापरवाही उन्हें खतरे में डाल देती है।

पत्थलगांव।क्षेत्र से एक वीभत्स, अमानवीय और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पत्थलगांव के बागबहार क्षेत्र के ग्राम काडरो में आयोजित नाटक देखकर भोर तड़के पैदल घर लौट रही एक नाबालिक लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की हैवानियत की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार भोर तड़के लगभग तीन बजे पीड़िता नाटक देखकर अपने गांव की ओर पैदल जा रही थी। रास्ते में अकेली देखकर कुछ युवकों ने उसे जबरन पकड़ लिया और पास स्थित गुहरघाटी जंगल में ले गए। आरोप है कि दिनभर जंगल में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। देर रात करीब 11 बजे, आरोपियों ने लड़की का गला दबाया और को मरा समझकर सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए।

पीड़िता के गले पर दबाने के गहरे निशान हैं तथा शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें पाई गई हैं। देर रात राहगीरों ने जब लड़की को बेहोशी की हालत में देखा, तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों ने मानवता दिखाते हुए देखा कि उसकी सांस चल रही है और उसे निजी वाहन से ग्राम कुकरगांव स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे पत्थलगांव सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने स्थिति अत्यंत गंभीर पाकर तत्काल अंबिकापुर रेफर कर दिया।

फिलहाल नाबालिक की हालत नाजुक बनी हुई है और वह जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रही है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है। अज्ञात आरोपियों की तलाश, घटनास्थल का मुआयना और संभावित सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

