
चयनित सभी छात्र-छात्राओं को कुलपति-व-कुलसचिव ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

दिनांक:-22/02/2026**मोहम्मद जावेद खान हरित छत्तीसगढ़।।**करगीरोड-कोटा:-डॉ.सी.वी.रमन विश्वविद्यालय के विधि-विभाग के पाँच विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ सिविल जज परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हुए संस्थान का मान बढ़ाया..

सूची में सर्वप्रथम तृप्ति आनंद अग्रवाल, अंजु-पात्रे, अश्वीन-खाका और डिप्पल अजगल्ले का चयन हुआ है..वही प्रगति उपाध्याय का नाम अनुपूरक सूची में शामिल किया गया है..विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत-अनुशासन समर्पण का ही उत्कृष्ट परिणाम है..साथ ही विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण अनुभवी प्राध्यापकों के मार्गदर्शन तथा उत्कृष्ट अध्ययन संरचना की प्रमाणिकता है विधि विभाग द्वारा विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही न्यायिक सेवा की तैयारी हेतु विशेष मार्गदर्शन मॉकटेस्ट-केस-स्टडी विश्लेषण साक्षात्कार प्रशिक्षण प्रदान किया जाता रहा है..जिसका सकारात्मक परिणाम सामने है।* *सफलता संपूर्ण विश्वविद्यालय परिवार के लिए प्रेरणादायी है:–कुलपति सीवीआरयूं।* *विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार घोष ने चयनित सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता संपूर्ण विश्वविद्यालय परिवार के लिए प्रेरणादायी है न्यायिक सेवा में प्रवेश केवल एक पद प्राप्त करना नहीं बल्कि समाज में न्याय, निष्पक्षता और संविधान के मूल्यों की रक्षा का दायित्व निभाना है..चयनित विद्यार्थियों से अपेक्षा करते हुए कुलपति ने कहा की वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, संवेदनशीलता और नैतिकता के साथ करेंगे तथा समाज में न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।**यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास सतत हो तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होती है:-कुलसचिव सीवीआरयू।**वही कुलसचिव डॉ.अरविंद कुमार तिवारी ने भी विद्यार्थियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिद्ध करता है, कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास सतत हो तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होती है..उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सदैव विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है..उन्होंने सभी चयनित विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता की नई मिसाल स्थापित करेंगे विधि विभाग के प्राध्यापकों ने भी विद्यार्थियों की इस सफलता को विभाग की सामूहिक उपलब्धि बताया।**चयनित विद्यार्थियों में से सुश्री तृप्ति आनंद अग्रवाल ने कहा कि डॉ.सी.वी.रमन-विश्वविद्यालय ने मुझे न केवल विधिक ज्ञान दिया बल्कि आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति दृढ़ता भी सिखाई..वही अंजु पात्रे ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के सतत मार्गदर्शन और प्रेरणा के बिना यह सफलता संभव नहीं थी अश्वीन खाका ने कहा कि यहाँ का शैक्षणिक वातावरण और अनुशासन ने मुझे न्यायिक सेवा की तैयारी में नई दिशा दी..डिप्पल अजगल्ले ने कहा कि विश्वविद्यालय ने हमें केवल पढ़ाया नहीं बल्कि न्याय के मूल्यों को समझना भी सिखाया..वही प्रगति उपाध्याय ने कहा कि अनुपूरक सूची में स्थान मिलना मेरे लिए गर्व की बात है..और इसका श्रेय विश्वविद्यालय की मजबूत शैक्षणिक नींव को जाता है।
