बजट सत्र में गूंजे पत्थलगांव के सवाल, विधायक गोमती साय ने विकास और गुणवत्ता पर सरकार को घेरा

पत्थलगांव | 26 फरवरी 2026छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं, सड़कों की हालत, भ्रष्टाचार की शिकायतों और ग्रामीण विकास योजनाओं को लेकर सरकार पर तीखे सवाल दागे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े मुद्दों पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से सीधे जवाब तलब किए गए, जिससे सदन में चर्चा गर्म रही।विधायक साय ने जशपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर किए गए सड़क संधारण की गुणवत्ता पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि आखिर इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें जर्जर हालत में क्यों हैं। सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि पिछले तीन वर्षों में जिले के 63 मार्गों पर संधारण कार्य के लिए राशि स्वीकृत की गई है और गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए जांच या कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता।सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में जशपुर, कुनकुरी और पत्थलगांव क्षेत्रों में सड़कों का नवीनीकरण तेजी से हुआ। उदाहरण के तौर पर रानीबंध से मकरीबंधा (9.30 किमी) मार्ग के लिए 183.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। हालांकि, विधायक ने जमीनी हकीकत का हवाला देते हुए सरकार के “सब ठीक है” वाले दावे पर सवालिया निशान खड़े कर दिए।महिला सशक्तिकरण पर सरकार का बड़ा दावाग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में सरकार ने जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण से जुड़े आंकड़े सदन में रखे। जिले में 12,103 महिला स्व-सहायता समूह, 710 ग्राम संगठन और 32 संकुल स्तरीय संगठन सक्रिय हैं।पिछले तीन वर्षों में इस योजना के तहत 71.82 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जिनमें से 63.60 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। समूहों को 41,718.80 लाख रुपये का बैंक ऋण और 1,578.60 लाख रुपये का रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराया गया है। सरकार के अनुसार जिले की 1,35,056 महिलाएं इस योजना से सीधे लाभान्वित हो रही हैं।पूर्ण बनाम अपूर्ण कार्यों पर भी सवालविधायक गोमती साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति का भी ब्यौरा मांगा। जवाब में बताया गया कि वर्ष 2023-24 में बगीचा जनपद में मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत 96 कार्य स्वीकृत थे, जिनमें से 95 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 1 कार्य अब भी अपूर्ण है। वहीं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वीकृत 290 कार्यों में से 9 अब भी लंबित हैं।सदन में विधायक साय के सवालों ने जहां एक ओर जशपुर जिले में चल रहे विकास कार्यों की गति को उजागर किया, वहीं दूसरी ओर गुणवत्ता, शिकायतों और जवाबदेही को लेकर सरकार के दावों पर गंभीर सवाल भी खड़े किए। अब निगाहें 2025-26 के लिए स्वीकृत बजट पर टिकी हैं, खासकर पत्थलगांव से किलकिला मार्ग जैसे कार्यों पर, जिनके लिए 712.25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। देखना होगा कि ये योजनाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरी होती हैं या नहीं।

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