
पत्थलगांव।भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष राजेश कुमार चौधरी ने मीडिया को जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि महिला आरक्षण बिल का सदन में पारित न होना लोकतंत्र के लिए बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने वाला यह बिल देश की आधी आबादी की उम्मीदों से जुड़ा हुआ था, लेकिन इसका पारित न हो पाना महिलाओं के अधिकारों और आकांक्षाओं पर आघात है।राजेश कुमार चौधरी ने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है, लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ विपक्षी दल इस ऐतिहासिक पहल पर एकजुटता नहीं दिखा सके। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल इस बिल के समर्थन में खड़े नहीं हुए, उनमें कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल शामिल हैं, जिन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई।उन्होंने कहा कि जब देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं—चाहे वह सेना हो, विज्ञान हो, राजनीति हो या खेल—तब निर्णय लेने वाली संस्थाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। महिलाओं को सम्मान और समान अवसर देना कोई विकल्प नहीं बल्कि समाज और लोकतंत्र का कर्तव्य है।राजेश कुमार चौधरी ने कहा कि महिला आरक्षण कोई रियायत नहीं बल्कि समान अवसर का अधिकार है। उन्होंने केंद्र सरकार और संसद से मांग की कि महिला आरक्षण बिल को जल्द से जल्द पुनः सदन में लाया जाए और सर्वसम्मति से पारित किया जाए, ताकि देश की महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।उन्होंने कहा कि आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन के रूप में याद किया जाएगा, क्योंकि यह केवल एक बिल का गिरना नहीं बल्कि देश की आधी आबादी की आशाओं और सपनों पर चोट है।
