बगीचा के आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रांगण में “मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना” अंतर्गत भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जशपुर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से आए कुल 20 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। खास बात यह रही कि इनमें 7 ईसाई जोड़े तथा 1 मूकबधिर दिव्यांग जोड़ा भी शामिल रहा, जिसने आयोजन को सामाजिक समरसता, एकता और अखंडता का प्रतीक बना दिया।कार्यक्रम की शुरुआत जोड़ों के पंजीकरण एवं श्रृंगार सामग्री वितरण से हुई।

सर्वप्रथम पास्टर सिकंदर टोप्पो द्वारा ईसाई रीति-रिवाज से 7 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया गया। इसके बाद 13 वरों की बारात बाजा-गाजा के साथ निकाली गई, जिसमें बारातियों और अतिथियों ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया। महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने द्वारचार कर वरों का स्वागत किया।हिंदू रीति-रिवाज से महाराज जी द्वारा 13 जोड़ों का विवाह पाणिग्रहण, हवन, फेरे एवं सात वचनों के साथ संपन्न कराया गया।

विवाह उपरांत सभी 20 जोड़ों को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ₹35,000 की राशि वधु के बैंक खाते में, श्रृंगार सामग्री, उपहार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। परिजनों ने भी ‘टिकावन’ के रूप में साड़ी, लिफाफा एवं अन्य उपहार भेंट किए।कार्यक्रम में उपस्थित जनपद उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद सराहनीय पहल है।

इस तरह के आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ-साथ बेटियों को सम्मानपूर्वक नया जीवन प्रारंभ करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों एवं वर्गों के जोड़ों का एक साथ विवाह भारत की सांस्कृतिक एकता और भाईचारे का जीवंत उदाहरण है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत अब प्रति जोड़ा सहायता राशि ₹50,000 कर दी गई है, जिसमें ₹7,000 की श्रृंगार सामग्री, ₹35,000 की आर्थिक सहायता तथा शेष राशि आयोजन एवं परिवहन व्यवस्था हेतु प्रदान की जाती है।कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य मोनिका टोप्पो, आशिका कुजूर, जनपद अध्यक्ष गायत्री नागेश, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभात सिदाम, भाजपा जिला महामंत्री मुकेश शर्मा, सैनिक बोर्ड अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
