मजबूत प्रबंधन से खरीफ की तैयारियों को मिली रफ्तार

खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत खाद और बीज की समय पर उपलब्धता है। रायगढ़ जिले में प्रशासन और कृषि विभाग की सक्रिय तैयारी के चलते किसानों को कृषि आदान की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। जिले में वर्तमान में लगभग 24 हजार मीट्रिक टन उर्वरकों का सुरक्षित भंडार उपलब्ध है, जिससे मांग के अनुरूप खाद का वितरण किया जा रहा है।

कृषि विभाग ने खाद वितरण की ऐसी व्यवस्था बनाई है, जिससे जिले के अंतिम छोर तक बसे किसानों को भी समान रूप से उर्वरक उपलब्ध हो सके। प्रशासन की प्राथमिकता केवल उपलब्धता सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि कालाबाजारी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखना भी है। इसके लिए उर्वरक निरीक्षक, निगरानी दल और मैदानी अमला प्रतिदिन सहकारी समितियों तथा निजी विक्रय केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। 

किसानों को डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी और नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही हरी खाद उत्पादन को बढ़ावा देकर खेती की लागत कम करने और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियानों के माध्यम से संतुलित उर्वरक प्रबंधन की जानकारी भी दी जा रही है।

कृषि विभाग का कहना है कि खाद और बीज के भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है तथा किसी भी समिति में भंडारण क्षमता की कमी नहीं है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर फैलने वाली किसी भी भ्रामक या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। मजबूत निगरानी व्यवस्था और पर्याप्त भंडारण के कारण जिले में खरीफ सीजन को लेकर किसानों का भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ा है।

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