जशपुर ने रचा इतिहास: मेडिकल कॉलेज को मिली NMC की मंजूरी, 50 MBBS सीटों से होगी पढ़ाई शुरू
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मिली बड़ी सौगात, जशपुर-कुनकुरी मेडिकल कॉलेज को 2026-27 सत्र से संचालन की अनुमति

रायपुर/जशपुर। जशपुर जिले के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज का सपना अब साकार हो गया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शासकीय मेडिकल कॉलेज जशपुर-कुनकुरी के संचालन के लिए 50 एमबीबीएस सीटों की औपचारिक स्वीकृति (लेटर ऑफ परमिशन) जारी कर दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मिली इस मंजूरी को जशपुर जिले के विकास की ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जशपुर सहित आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। वहीं आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।इस उपलब्धि पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा कि मेडिकल कॉलेज जिले की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरा कर जशपुर को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बताया।

पूर्व राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से प्रतिभाशाली युवाओं को अपने जिले में ही चिकित्सा शिक्षा मिलेगी और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की मंजूरी से स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में व्यापक बदलाव आएगा तथा गरीब, ग्रामीण और आदिवासी परिवारों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने इसे जिले के विकास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि इससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज से चिकित्सा शिक्षा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी,

जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने कहा कि अब ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर कम जाना पड़ेगा।भाजपा नेताओं ने इसे केवल एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं, बल्कि जशपुर और पूरे क्षेत्र के समग्र विकास, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था तथा चिकित्सा शिक्षा के नए युग की शुरुआत बताया।

