*Kota-Updete:-20-साल सरकारी-सिस्टम का हिस्सा रहने से लेकर मौजूदा राजनीति में नए सूरज के उदय तक का सफर।:-*
*मौजूदा-नवनिर्वाचित कोटा जनपद पंचायत की नई अध्यक्ष सूरज साधेलाल भारद्वाज।-*
*आवक-जावक शाखा से सीधे कोटा जनपद पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक 20- साल की सबसे ऊंची उड़ान।*
*दिनांक:-05/04/2025
*मोहम्मद जावेद खान हरित छत्तीसगढ।।*
*करगीरोड-कोटा:-ब्यूरोक्रेसी के सिस्टम से लेकर मौजूदा राजनीतिक सफर वर्तमान समय में काफी आसान होकर रह गई है वर्तमान समय में रिटायरमेंट से पूर्व सिस्टम का हिस्सा रहे ब्यूरोक्रेट राजनीतिक दल में शामिल होकर आज स्वयं सिस्टम चला रहे है..अवि- भाजित मध्यप्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बनने तक ऐसे कई उदाहरण हैं, जिसमें की प्रमुख रूप से आईएस-आईपीएस सहित विभिन्न-प्रशासनिक सिस्टम का हिस्सा रह चुके छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व: अजीत प्रमोद कुमार जोगी का नाम सबसे ज्यादा लिया जाता है उसके बाद मौजूदा प्रदेश बीजेपी की सरकार में वित्तमंत्री की जिम्मेदारी निभाने वाले ओपी चौधरी जिन्होंने जिला-कलेक्टर के पद से इस्तीफा देकर बीजेपी ज्वाइन किया है, ब्यूरोक्रेट के अलावा मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट के जज भी राजनीतिक दल में शामिल हो रहे।*
*सिस्टम का हिस्सा रही अब सिस्टम कहलाएगी:—*
*ये तो हुए बड़े ब्यूरोक्रेट इसी कड़ी में कोटा विकासखंड के कोटा जनपद पंचायत में पिछले 20-वर्षों से आवक-जावक शाखा में अनियमित कर्मचारी के रूप में कलेक्टर दर में कार्यरत श्रीमती सूरज साधेलाल भारद्वाज की मौजूदा राजनीति ने पूरा सिस्टम ही उलट पलट कर दिया कौन जानता था..कि पिछले 20 साल से सरकारी सिस्टम का नियमित नियमित हिस्सा बनने की जद्दोजहद करने वाली एक अनियमित कर्मचारी के जीवन में एक वक्त ऐसा मोड आएगा की वो राजनीतिक दल का हिस्सा बनकर खुद से सिस्टम कहलाने लगेगी।*
*पर्दे के पीछे साधेलाल भारद्वाज का बेहतर प्रबंधन:—*
*हाल में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पिछले 20 सालों से अनियमित कर्मचारी की भूमिका का निर्वहन करने वाली श्रीमती सूरज साधेलाल भारद्वाज ने अपने पद से इस्तीफा देकर कोटा जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक- 24-घुमा से स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा और कांग्रेस बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशी सहित अन्य उम्मीदवारों को अच्छे मतों से हराकर जनपद पंचायत सदस्य निर्वाचित हुई उसके बाद 25-सदस्यों वाली कोटा जनपद पंचायत में जनपद अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित भी हुई…देखा जाए तो श्रीमती सूरज साधेलाल भारद्वाज एक चेहरा थी..जनपद सदस्य से लेकर जनपद अध्यक्ष बनाने तक इस चेहरे के पीछे की पूरी राजनीतिक बिसात बिछाने वाला असली रणनीतिकार पूर्व कोटा जनपद अध्यक्ष साधेलाल भारद्वाज ही था।*
*बीजेपी-कांग्रेस मजबूरी थी श्रीमती सूरज-साधेलाल भारद्वाज जरूरी थी:—*
*श्रीमती सूरज साधेलाल भारद्वाज का अपने पद से इस्तीफा देकर जनपद सदस्य का चुनाव लड़ना फिर जनपद अध्यक्ष निर्वाचित होना ये उसी रणनीति का हिस्सा था जिसे राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी साधेलाल भारद्वाज ने अंजाम दिया भले ही कोटा के दिग्गज नेतागण कोटा जनपद पंचायत अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित श्रीमती सूरज साधेलाल भारद्वाज की जीत को बीजेपी की जीत बता रहे है..पर उन्हें भी बेहतर पता था कि जनपद अध्यक्ष के रूप में उनका उम्मीदवार कौन था..? फिलहाल मौजूदा राजनीति में ये कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि बीजेपी कांग्रेस मजबूरी थी श्रीमती सूरज साधेलाल भारद्वाज जरूरी थी।*