
जशपुर। डिलिस्टिंग को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में होने वाले विशाल जनजातीय महासम्मेलन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। जनजातीय सुरक्षा मंच के बैनर तले आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व मंत्री और जशपुर के वरिष्ठ आदिवासी नेता गणेश राम कर रहे हैं। कार्यक्रम में देश के गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।बताया जा रहा है कि सरगुजा संभाग से करीब 3000 लोग स्पेशल ट्रेन के माध्यम से दिल्ली पहुंचेंगे, जबकि पूरे प्रदेश से लगभग 5000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पिछले कई महीनों से प्रदेशभर में बैठकें और जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।जनजातीय सुरक्षा मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार गांव-गांव पहुंचकर लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने में जुटे हुए हैं। सरगुजा क्षेत्र से आदिवासी नेता इंदर भगत सहित मंच के सदस्य लोगों को डिलिस्टिंग के मुद्दे पर जागरूक कर रहे हैं।आयोजकों का कहना है कि यह महासम्मेलन आदिवासी अस्मिता, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा को लेकर आयोजित किया जा रहा है। मंच से धर्मांतरण और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

पूर्व मंत्री गणेश राम भगत लंबे समय से डिलिस्टिंग के मुद्दे को लेकर आंदोलन चला रहे हैं। उनका कहना है कि धर्मांतरण के बाद भी आरक्षण का लाभ लेने से मूल आदिवासी समाज प्रभावित हो रहा है।दिल्ली में आयोजित होने वाले इस महासम्मेलन में जनजातीय सुरक्षा मंच के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल होंगे।
