स्व:बलभद्र प्रसाद त्रिवेदी जी से लेकर स्व:श्याम मनोहर त्रिवेदी जी स्व:रतन त्रिवेदी जी से लेकर राजेश त्रिवेदी टॉकीज के संचालन कर्ता रहे।
**प्रेम-रोग फिल्मों के गाने से शुरुवात के साथ ओम-जय जगदीश के गाने जो कि फिल्म शुरू होने का संकेत देती थी।
अपर-लोवर-बालकनी की टिकट खिड़की में बैठे स्व:गौटिया दादा से लेकर स्व:हनीफ आपरेटर स्व: नानबाबू सहित टॉकीज संचालन सहयोग के किरदार आज भी लोगों के दिलो में जिंदा है।

**दिनांक:-08/04/2026**मोहम्मद जावेद खान हरित छत्तीसगढ़।।**करगीरोड-कोटा:-“एक था श्याम श्याम-टॉकीज से लेकर श्याम मेट्रो तक…त्रिवेदी परिवार की पहली पीढ़ी के शुरुवात से लेकर दूसरी पीढ़ी-दूसरी से तीसरी-पीढ़ी तक का पूरा सफर..

श्याम टॉकीज की शुरुआत देश की आजादी के बाद सन् 1950 में हुई..त्रिवेदी परिवार के प्रधान के रूप स्व: बलभद्र प्रसाद त्रिवेदी जो कि अविभाजित मध्यप्रदेश शासन के समय कोटा थाना के थानेदार हुआ करते थे, उस समय श्याम टॉकीज को अपने परिवार के मनोरंजन के लिए बनाए थे..

हर रविवार को शाम 06-बजे पूरा परिवार एक साथ बैठकर फिल्म देखा करते थे इस दौरान फिल्म देखने के लिए कोटा-नगर के लोगों का टॉकीज में आवाजाही शुरू हुई शुरुवात में लोगों द्वारा जमीन पर बैठकर फिल्म देखा जाता था..फिल्म देखने के लिए लोगो की भीड़ बढ़ता देख कोटा-नगर के लोगो की मांग पर रोजाना रात 08 बजे एक शो की शुरुवात हुई..

उसके कुछ दिनों के बाद 02-फिर 03- और अंततः04 शो में श्याम टॉकीज में फिल्मे चलनी शुरू हुई फिल्म के शुरुआती दौर में उन दिनों बिजली नहीं हुआ करती थी जनरेटर के जरिए से ही फिल्मों के शो चला करते थे।

श्याम-टॉकीज के संचालन से लेकर नगर-पालिका-परिषद अध्यक्ष तक का सफर:—**बदलते समय के साथ श्याम टॉकीज का सफल संचालन स्व:श्याम मनोहर त्रिवेदी द्वारा किया गया..टॉकीज के संचालन के साथ-साथ स्व: श्याम मनोहर त्रिवेदी जो कि अविभाजित मध्यप्रदेश शासन के समय कांग्रेस पार्टी के एक कद्दावर नेता रहने के साथ लंबे समय तक नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में कोटा नगर पालिका का नेतृत्व किया स्व: श्याम मनोहर त्रिवेदी के बाद उनके पुत्र अरुण कुमार त्रिवेदी ने जो कि एक दबंग कद्दावर कांग्रेस नेता के रूप में नगर पालिका के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष के रूप में अपने भूमिका का निर्वहन किया और आज भी कांग्रेस पार्टी अनुभवी नेता के रूप पार्टी में अपनी सेवा जारी रखे हुए है।

**1918-में सेटेलाइट-सिस्टम से बड़े स्क्रीन पर दिखाई जाने लगी:—**स्व:श्याम मनोहर त्रिवेदी जी के नाम से श्याम टॉकीज का संचालन कुछ समय बाद स्व: रतन त्रिवेदी जी के द्वारा बेहतर तरीके से संचालन किया गया..जिसमें कि उनका पूरा सहयोग उनके छोटे भाई राजेश त्रिवेदी जी द्वारा किया जाता रहा है..फिल्मों की रील की पेटी जो कि मशीन के जरिए सिनेमा के पर्दे पर दिखाई जाती थी समय के बदलाव के साथ 1918 में फिल्मों के पर्दे पर रील की पेटी की जगह डिजिटल सैटेलाइट के जरिए फिल्म का संचालन किया गया जाने लगा श्याम टॉकीज से श्याम मेट्रो के पूरे सफर में नई साज सज्जा के साथ कोटा नगर के लोगो को बिलासपुर न जाकर कोटा में ही 70-एम-एम के पर्दे पर सैटेलाइट के जरिए नई फिल्म देखने को मौका मिलने लगा बिलासपुर शहर की टॉकीजों की तरह श्याम मेट्रो को बेहतर साउंड सिस्टम बेहतर सीट जो कि आज आप और हम बड़े-बड़े मॉल-पीवीआर में देखते है।**कोविड-19 ने कोटा के एकमात्र टॉकीज श्याम-मेट्रो को समाप्त कर दिया:—**श्याम-मेट्रो ने जैसे ही कोटा नगर के दर्शकों खासकर युवाओं में अपनी रफ्तार पकड़ी इसी दौरान मार्च 1919 में कोविड-19 नाम को एक भयंकर महामारी की इस देश में दस्तक हुई देश एक जगह ठहर गया..आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया..पूरे देश में लॉकडाउन लग गया..आमजन अपने अपने घरों में कैद हो गए..देश में लाखों लोगों की मौत हो गई..देश की पूरी अर्थव्यवस्था चरमरा गई..इस दौरान लोगे के पूरा कारोबार खत्म हो गया..?मेडिकल-किराना- आबकारी को छोड़कर..?कोविड का असर 2020/21तक रहा.. श्याम टॉकीज से श्याम मेट्रो तक का पूरा सफर कोविड-19 जैसी महामारी ने पूरी तरह से समाप्त कर दिया आज श्याम टॉकीज निवास स्थान बन चुका है..जिसमें कि श्याम मेट्रो के संचालनकर्ता राजेश त्रिवेदी अपने परिवार अपने दोनों पुत्रों प्रतीक त्रिवेदी गुंजन त्रिवेदी के साथ निवासरत है, हरितछत्तीसगढ़ को श्याम टॉकीज से लेकर श्याम मेट्रो तक की पूरी कहानी श्याम-टॉकीज की पुरानी तस्वीरें के साथ पूरी जानकारी साझा करने में राजेश त्रिवेदी जी का सहयोग रहा..जिसके बाद ये पूरी स्टोरी आप सुधि पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है।

