*छेरकाबांधा ग्राम-पंचायत सचिव की मनमानी सहित सरपंच-पति के खिलाफ ग्रामवासियों ने खोला मोर्चा।-* *दिनांक:-29/03/2026**मोहम्मद जावेद खान हरित छत्तीसगढ़।।**करगीरोड-कोटा:-कोटा जनपद पंचायत अंतर्गत छेरकाबांधा ग्राम पंचायत भवन में मकान टेक्स को लेकर सरपंच पति सहित पंचायत सचिव की मनमानी जारी है,इसके अलावा पंचायत भवन में सरपंच पति और ग्राम के ही अन्य लोग जो कि किसी पद पर होने के बावजूद भी ग्रामवासियों से टैक्स वसूली किया जा रहा है,

वर्तमान सरपंच के अनुपस्थिति में सरपंच पति पंचायत भवन में बैठकर टैक्स वसूली कर रहा हैं, वहीं ग्राम पंचायत छेरकाबांधा सचिव दिव्या खांडे से जब इस बारे में जानकारी चाही गई तो पंचायत सचिव ने कहा कि पंचायत के सरपंच पति पंचायत के नागरिक हैं..पंचायत में बैठ सकते हैं।**बिल्कुल बैठ सकते है..सचिव महोदय पर टैक्स की वसूली का अधिकार किसने दिया सरपंच पति को आपने या सरकार ने या जनपद पंचायत सीईओ ने..?

पंचायत की टैक्स वसूली में सरपंच की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए ग्राम-वासियों का कहना था कि सरपंच पति द्वारा अक्सर पंचायत के विकास कार्यो में दखल दिया जाता है..जो कि पंचायती राज अधिनियम के विपरित है, शासकीय कार्य का मकान टैक्स बिना किसी शासकीय कर्मचारी के अनुपस्थिति में वसूली किया जाना किस नियम के तहत किया जा रहा है..? छेरकाबांधा-नयापारा के ग्रामीणों का कहना है..की पंचायत सचिव द्वारा कोरे कागज मकान टैक्स वाले रसीद में हस्ताक्षर करके दे पंचायत के ही पंचायत के ही एक आम व्यक्ति को दे दिया गया है..जो की नियम कायदे के विपरीत है..वहीं पर ग्राम पंचायत भवन में मकान टैक्स वसूली की सूचना भी चस्पा नहीं किया गया है..ग्रामीणों को मकान टैक्स की कितनी राशि देना ये भी नहीं पता है..?

वहीं पंचायत सचिव को पंचायत में बैठक लेकर सभी पंचायतों वासीयों को बताना चाहिए कि मकान टैक्स पटाना अनिवार्य है..परन्तु पंचायत सचिव अपने दो पंचायतों का प्रभारी होने का हवाला देते हुए अपनी जवाबदेही से कन्नी काट रहा है।**स्थानीय-ग्रामीणो ने कहा कि समस्त ग्रामवासी छेरकाबांधा पंचायत सचिव की मनमानी की शिकायत वर्तमान एसडीएम प्रशिक्षु आईएस सहित जनपद पंचायत कोटा सीईओ से करेंगे।**छेरकाबांधा ग्राम-पंचायत के वर्तमान सचिव दिव्या खांडे ने कहा कि सरपंच के अनुपस्थिति में उनके कुर्सी में कोई भी बैठ सकता है मकान टैक्स वसूली में दो ग्राम पंचायत का प्रभारी हूं..दिन भर तो यहां बैठ नहीं सकता हूं।

ग्रामवासी सिराज फारूकी ने कहा कि मकान टैक्स पटाने पंचायत भवन गया तो पंचायत के सचिव वहां नहीं मिले बल्कि पंचायत भवन में गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा कोरे कागज पर हस्ताक्षर युक्त रसीद बुक रखकर बैठा हुआ था।
